🚨BIG NEWS:🚨🎯बड़ी खबर:🔥🔥धरमजयगढ़ में ‘संरक्षित’ फ्लाईएश माफिया! हादसे पर हादसे, फिर भी प्रशासन क्यों बेबस या ‘मौन सहयोगी’?🔥🔥🔴📢📢📢📢📢

Raigarh/धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ की सड़कों पर इन दिनों कानून नहीं, बल्कि फ्लाईएश माफिया का राज चलता नजर आ रहा है। ओवरलोड और बेलगाम दौड़ रहे सैकड़ों फ्लाईएश वाहन खुलेआम नियमों को रौंद रहे हैं, हादसे कर रहे हैं, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं—लेकिन प्रशासन की तरफ से कार्रवाई शून्य! सवाल अब लापरवाही से आगे बढ़कर सीधे “संरक्षण” तक पहुंच चुका है।

हर दो-चार दिन में हो रहे हादसे इस बात की गवाही दे रहे हैं कि ये वाहन किसी नियम-कायदे में नहीं बंधे हैं। दुर्घटना के बाद चालक वाहन लेकर फरार हो जाते हैं, न एफआईआर, न जांच, न जिम्मेदारी तय—जैसे पूरा सिस्टम आंख मूंदकर बैठा हो। आखिर किसके इशारे पर यह सब चल रहा है?
अस्पताल चौक का ताजा मामला प्रशासनिक नाकामी की खुली पोल खोलता है। एक ओवरलोड फ्लाईएश ट्रक पलटता है, नगर पंचायत की स्ट्रीट लाइट का खंभा टूटता है, नाली फ्लाईएश से जाम हो जाती है—लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ औपचारिकता भी नहीं! कंपनी वाले क्रेन से गाड़ी उठाकर चलते बने और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा।

अब बड़ा सवाल यह है—
👉 क्या धरमजयगढ़ में कानून सिर्फ आम जनता के लिए है?
👉 क्या फ्लाईएश कंपनियों को “विशेष छूट” दी गई है?
👉 क्या जिला स्तर से लेकर स्थानीय स्तर तक कोई साठगांठ काम कर रही है?
नियम साफ कहते हैं कि इस तरह की घटना में वाहन जब्त हो, एफआईआर दर्ज हो और नुकसान की भरपाई कराई जाए। लेकिन यहां तो उल्टा खेल चल रहा है—न कोई कार्रवाई, न कोई जवाबदेही।
भाजपा मंडल महामंत्री द्वारा भी सख्त कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन प्रशासन ने उस मांग को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया। इससे यह शक और गहरा हो जाता है कि कहीं न कहीं राजनीतिक दबाव या अंदरूनी मिलीभगत इस पूरे खेल को संरक्षण दे रही है।
धरमजयगढ़ की जनता अब पूछ रही है—
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनआंदोलन का इंतजार कर रहा है?
या फिर सब कुछ “सेटिंग” के भरोसे ही चलता रहेगा?
अगर समय रहते इन बेलगाम फ्लाईएश वाहनों पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाले दिनों में हालात और भयावह हो सकते हैं—और उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।!




