🚨BIG NEWS:🚨🎯चरखापारा मवेशी बाजार में बैल चोरी का बवाल: किसानों के मवेशी ठेकेदार के घर बंधे मिले, कोचियों–ठेकेदार की मिलीभगत के आरोप तेज! Watch Video… 🎯🔥🔥🎯

धरमजयगढ़:चरखापारा मवेशी बाजार शुरू हुए अभी दो सप्ताह भी पूरे नहीं हुए हैं, कि बैल चोरी और अवैध खरीद-बिक्री के आरोपों ने बाजार को विवादों में ला दिया है। किसानों ने गंभीर सवाल उठाते हुए पूछा है कि यह बाजार किसानों के लिए संचालित हो रहा है या कथित रूप से कोचियों के जरिए मवेशियों को बूचड़खाने तक पहुंचाने का माध्यम बनता जा रहा है।
मामले ने तब तूल पकड़ा जब 23 मई 2026 को बाकारुमा क्षेत्र के कई किसानों के बैल कथित रूप से बाजार ठेकेदार के घर में बंधे पाए गए। इसे लेकर ग्रामीणों और किसानों में भारी नाराजगी देखी गई।

जानकारी के अनुसार, वर्तमान में पंचायत द्वारा बाजार का संचालन किया जा रहा है। इस संबंध में पूर्व बाजार ठेकेदार एवं वर्तमान पंचायत उपसरपंच से पूछताछ करने पर बताया गया कि कुछ कोचिए मवेशियों को रस्सी में बांधकर ले जा रहे थे। नाका बैरियर चौक पर बैरियर स्टाफ द्वारा मवेशियों की रसीद मांगी गई, लेकिन रसीद प्रस्तुत नहीं किए जाने पर संबंधित बैलों को चरखापारा उपसरपंच के घर में बांध दिया गया।
हालांकि ग्रामीणों का सवाल है कि यदि मामला संदिग्ध था तो संबंधित कोचियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी (FIR) क्यों दर्ज नहीं कराई गई। किसानों का आरोप है कि बाजार में कथित रूप से कोचियों और बाजार संचालकों की मिलीभगत से काम चल रहा है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि सोमवार को चरखापारा मवेशी बाजार में यदि कोई कोचिया मवेशी लेकर पहुंचता है तो उसके खिलाफ FIR दर्ज कराने की मांग की जाएगी। साथ ही यह भी कहा गया कि जब तक कथित बैल चोरी में शामिल लोगों की पहचान नहीं हो जाती, तब तक किसी भी संदिग्ध कोचिए को बाजार में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।Watch Video …..👇👇👇
फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर पूर्व बाजार ठेकेदार और वर्तमान उपसरपंच के जवाबों पर है कि आखिर चोरी का जिम्मेदार कौन है और बाजार संचालन में किसी प्रकार की मिलीभगत हुई है या नहीं।

(नोट: यह खबर स्थानीय आरोपों और ग्रामीणों के दावों पर आधारित है। संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष एवं पुलिस जांच सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।)



