🎯LATEST NEWS:🎯🔥🐘🔥🐘📢🌳वन बचेंगे तो जीवन बचेगा: आग और हाथी-मानव द्वंद रोकने जनजागरण ही सबसे बड़ा हथियार — आनंद कुमार गुप्त मदारी आर्ट्स!🔥🐘🌳🐘🔥🌳🐘📢🌳📢🔴

अंबिकापुर। वनों को आग से बचाने और हाथी-मानव द्वंद जैसी गंभीर समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक जनजागरूकता आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गई है। यह बात पिछले 25 वर्षों से नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से वन संरक्षण और पर्यावरण जागरूकता का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे मदारी आर्ट्स के निर्देशक आनंद कुमार गुप्त ने कही।

उन्होंने कहा कि नुक्कड़ नाटक जनचेतना का सबसे सशक्त, सार्थक और प्रभावी माध्यम है। इसके जरिए कलाकार सीधे आमजन से संवाद स्थापित करते हैं, उनकी भाषा में, उनके बीच जाकर उन्हें जागरूक करते हैं। यही कारण है कि इस माध्यम का प्रभाव गहरा और स्थायी होता है। जनता से सीधा संवाद न केवल संदेश को सरल बनाता है, बल्कि उसे दिलों तक पहुंचाने में भी सफल होता है।

आनंद कुमार गुप्त ने बताया कि उनकी टीम पिछले ढाई दशकों से छत्तीसगढ़ के विभिन्न वन मंडलों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जनजागरूकता अभियान चला रही है। इस दौरान वन संरक्षण, वन्यजीव सुरक्षा, हाथी-मानव संघर्ष की रोकथाम और जंगलों में आग जैसी गंभीर समस्याओं पर लोगों को जागरूक किया गया है, जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के चार वन वृत्तों के अंतर्गत 20 से अधिक वन मंडलों में हाथी-मानव द्वंद वर्षों से एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। वहीं, अवैध कटाई और जंगलों में आग लगने की घटनाएं भी पर्यावरण और जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा हैं। इन समस्याओं का स्थायी समाधान केवल कानून या प्रशासनिक प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और जागरूकता से ही संभव है।
उन्होंने वन विभाग, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से इस दिशा में मिलकर कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का नैतिक दायित्व है। यदि हम अपने वनों और वन्यजीवों की रक्षा करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण दे सकेंगे।

“वन हैं तो जीवन है” — इसी संदेश के साथ उन्होंने समाज के हर वर्ग से प्रकृति संरक्षण के इस महाअभियान में सहभागी बनने का आह्वान किया।।



