🔴📢💥BIG BLAST NEWS:🔥 DMF घोटाले की जांच तेज — 40% तक रिश्वत वसूली के आरोप, करोड़ों की खरीदी संदेह के घेरे में…🔥🔥💥🔴

जिला पंचायत सामान्य सभा में भ्रष्टाचार का विस्फोट…
स्ट्रीट लाइट से लेकर टैंकर और GYM खरीदी तक घोटालों की परतें खुलीं
रायपुर | बेमेतरा / नवागढ़ | विशेष रिपोर्ट
जिला पंचायत की सामान्य सभा की बैठक इस बार विकास योजनाओं की समीक्षा के बजाय भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के आरोपों से गूंज उठी। बैठक में जनप्रतिनिधियों ने DMF (District Mineral Foundation) राशि से हुई करोड़ों रुपये की खरीदी में 40% तक कमीशनखोरी के गंभीर आरोप लगाए।
सदस्यों ने कहा कि योजनाएं अब जनता के हित के लिए नहीं, बल्कि अफसरों और ठेकेदारों की कमाई की मशीन बन चुकी हैं।
स्ट्रीट लाइट घोटाला — भुगतान पहले, काम बाद में
नगर पंचायत मारो, पड़पोड़ी और जनपद क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट खरीदी को लेकर भारी अनियमितताओं का खुलासा हुआ।
आरोप —
- घटिया गुणवत्ता की लाइटें लगाई गईं
- तय तकनीकी मानकों की अनदेखी
- बाजार से कई गुना महंगे दामों पर खरीदी
- जिन वार्डों में लाइट लगी ही नहीं, वहां भी भुगतान
सवाल उठा कि बिना काम के भुगतान किसके आदेश पर हुआ?

नवागढ़–साजा टैंकर खरीदी घोटाला
नवागढ़ और साजा क्षेत्र में पानी टैंकर खरीदी में भी गंभीर गड़बड़ी सामने आई।
आरोप —
- जरूरत से अधिक कीमत पर खरीदी
- पारदर्शिता की पूरी तरह अनदेखी
- तकनीकी गुणवत्ता संदेहास्पद
- कई टैंकर कागजों में ही चल रहे
चौंकाने वाली बात यह है कि पहले ही 15वें वित्त की राशि से टैंकर खरीदे जा चुके थे, फिर दोबारा खरीदी क्यों की गई?
ठेकेदारों के चयन में भी अपने लोगों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा।
स्वामी आत्मानंद स्कूल में GYM सामग्री घोटाला
शिक्षा के नाम पर भी भारी भ्रष्टाचार के आरोप लगे।
आरोप —
- जरूरत से ज्यादा कीमत पर खरीदी
- घटिया और बेकार सामग्री
- कई उपकरण उपयोग लायक ही नहीं
सदस्यों ने कहा कि बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
नगर पंचायत परपोड़ी में LED लाइट घोटाला
यहां भी LED लाइट खरीदी में गड़बड़ी उजागर हुई।
आरोप —
- घटिया गुणवत्ता की लाइटें
- वारंटी व मेंटेनेंस नियमों की अनदेखी
- भुगतान पहले, काम बाद में
जनप्रतिनिधियों का आरोप — योजनाएं बनीं ‘कमाई की मशीन’
सदस्यों ने एक स्वर में कहा —
“हर योजना में वही पैटर्न है — महंगी खरीदी, घटिया सामान और कागजी काम।
यह सीधा-सीधा संगठित भ्रष्टाचार है।”
DMF राशि में 40% कमीशन का आरोप
सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला DMF राशि से जुड़ा है, जिसमें
40% तक रिश्वत वसूली का आरोप लगाया गया है।
घोटाले का समय —
- ADM रहते हुए SDM पद पर पदस्थ प्रकाश भारद्वाज
- पूर्व जिला पंचायत CEO टेकचंद अग्रवाल का कार्यकाल
नए कलेक्टर और CEO ने जताई अनभिज्ञता
नवपदस्थ कलेक्टर और जिला पंचायत CEO ने इन मामलों से अनभिज्ञता जताई, जिसे सदस्यों ने असंतोषजनक बताया और स्वतंत्र जांच एजेंसी से जांच की मांग की।
जांच की मांग तेज, कार्रवाई तय मानी जा रही
बैठक के अंत में साफ हो गया कि आने वाले दिनों में
- उच्चस्तरीय जांच
- अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई
- DMF घोटाले की परतें खुलने की पूरी संभावना है
यदि आरोप सही पाए गए, तो यह छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े DMF घोटालों में से एक साबित हो सकता है।




