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🚨LATEST NEWS:🚨 🎯नवाचार से बदल रही शिक्षा की तस्वीर, उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान…🟢🔴🟠🟣🔵🟢🔴🟠

‘पोस्ट ऑफ द मंथ’ और ‘बोलेगा बचपन’ में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को कलेक्टर ने किया सम्मानित

रायगढ़, 25 अगस्त 2026। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और कक्षा-कक्ष में नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में जुलाई माह के ‘पोस्ट ऑफ द मंथ’ एवं ‘बोलेगा बचपन’ कार्यक्रम के तहत उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य और नवाचार करने वाले शिक्षकों को कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने प्रमाण पत्र एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया।

कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की जिज्ञासा, रुचि और क्षमता को समझकर उन्हें सीखने के अवसर देना ही प्रभावी शिक्षा की पहचान है। उन्होंने शिक्षकों से गतिविधि आधारित एवं नवाचारी शिक्षण पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कक्षा में किया गया एक छोटा लेकिन प्रभावी प्रयोग बच्चों के सीखने के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ाने के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रारंभिक स्तर से ही बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने पर जोर दिया। जेईई और नीट जैसी परीक्षाओं के लिए मजबूत बुनियाद तैयार करने की दिशा में भी शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। कलेक्टर ने कहा कि “विद्यार्थियों की सफलता ही शिक्षकों की वास्तविक सफलता है।”

विनोबा ऐप बना शिक्षकों के नवाचार साझा करने का मंच

जिला परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा के मार्गदर्शन में ओपन लिंक्स फाउंडेशन द्वारा विनोबा ऐप के माध्यम से शिक्षकों को अपने नवाचार साझा करने और एक-दूसरे से सीखने का अवसर दिया जा रहा है। शिक्षकों के बेहतर प्रयोगों का दस्तावेजीकरण भी किया जा रहा है, ताकि उपयोगी शिक्षण गतिविधियों को व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके।

विनोबा ऐप के माध्यम से बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा, राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा, जेईई एवं नीट जैसी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहयोग दिया जा रहा है। इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर के आकलन और अधिगम परिणामों के नियमित अद्यतन पर भी जोर दिया जा रहा है।

उत्कृष्ट कार्य के लिए शिक्षकों को मिला सम्मान

जुलाई माह के कार्यक्रम के तहत जिला स्तर पर उत्कृष्ट कार्य के लिए गौरी पटेल, भगवती निषाद, उषा चौहान, लता महंत, हेम कुमारी बरेठ, भारत लाल गौतम, सुबिता नायक, अल्फोंस मिंज एवं विकास को सम्मानित किया गया।

विकासखण्ड स्तर पर खगेश्वर पटेल, कांति सिदार, संतोष कुमार पटेल एवं पिंगलेश्वरी पटेल को प्रमाण पत्र एवं उपहार प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी श्यामानंद साहू, जिला मिशन समन्वयक आलोक स्वर्णकार, ओपन लिंक्स फाउंडेशन की वरिष्ठ परियोजना अधिकारी पायल सिन्हा एवं कार्यक्रम अधिकारी सौरभ वर्मा उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए उनके नवाचारी प्रयासों की सराहना की।

संदेश साफ है—जब शिक्षक पारंपरिक पढ़ाई से आगे बढ़कर नवाचार को अपनाते हैं, तो कक्षा केवल पढ़ने की जगह नहीं रहती, बल्कि बच्चों की प्रतिभा को निखारने की प्रयोगशाला बन जाती है।

Aslam Khan

मेरा नाम असलम खान है, मैं MaandPravah.com का संपादक हूँ। इस पोर्टल पर आप छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ख़बरों को पढ़ सकते हैं।

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