🎯🔥🔥बड़ी खबर:🔥🔥🎯“वेतन बिना बेनूर हुई होली: कर्मचारियों का दर्द, बजट के बावजूद भुगतान लंबित”…सरकार बनी बे खबर…पढ़िए खबर।🔥🔥🎯

“क्या इस बार फीकी रहेगी स्वास्थ्य रक्षकों की होली? बिना वेतन के कैसे मनेगा त्यौहार?”
रायगढ़। होली जैसे उल्लासपूर्ण पर्व के निकट आते ही जहां बाजार रंग-गुलाल से सज चुके हैं, वहीं (एनएचएम) के कर्मचारियों के घरों में इस बार उत्साह की जगह चिंता ने ले ली है। जिले में कार्यरत लगभग 750 एनएचएम संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी वर्षों से सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बनकर कार्य कर रहे हैं, किंतु वेतन भुगतान में लगातार हो रहे विलंब के कारण गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।

गत माह कर्मचारियों को केवल 15 दिनों का वेतन मिला, जिससे पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों का निर्वहन कठिन हो गया है। बढ़ती महंगाई के दौर में वृद्ध माता-पिता की दवाइयां, बच्चों की स्कूल फीस, मकान किराया, ऋण किश्त और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना चुनौती बन गया है। ऐसे में त्योहार की तैयारी करना तो दूर, आवश्यक वस्तुएं खरीदना भी मुश्किल हो रहा है।

एनएचएम संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अमित मिरी ने कहा कि होली जैसे बड़े पर्व से ठीक पहले कर्मचारियों के चेहरों पर मुस्कान के स्थान पर भविष्य की चिंता साफ झलक रही है। वहीं संघ के प्रदेश प्रवक्ता पुरन दास ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए शासन से सवाल किया है कि पूर्व में दिए गए आश्वासनों के बावजूद वेतन जारी करने में देरी क्यों हो रही है।
ज्ञात हो कि 01.12.2025 को जिले को ₹1550 लाख (₹15.50 करोड़) की वित्तीय सीमा प्राप्त हुई थी, जिसमें वेतन भुगतान का स्पष्ट प्रावधान था। आरोप है कि उक्त राशि में से वेतन के लिए आवश्यक रिजर्व सुरक्षित नहीं रखा गया, जबकि कम से कम दो माह का वेतन आरक्षित किया जा सकता था। दिवाली पूर्व अग्रिम वेतन भुगतान के निर्देशों के बावजूद भी समय पर भुगतान नहीं हुआ था।

जनवरी 2026 से लागू नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक माह 16 तारीख से अगले माह की 15 तारीख तक का पे-डाटा भेजना निर्धारित है, फिर भी फरवरी 2026 का वेतन अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
27 फरवरी 2026 को संघ पदाधिकारियों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में भेंट कर शीघ्र वेतन भुगतान की मांग की। साथ ही रायगढ़ के विधायक एवं प्रदेश के वित्त मंत्री से हस्तक्षेप का निवेदन किया गया है। रायगढ़ कलेक्टर को भी पत्र लिखकर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की गई है।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द वेतन जारी नहीं किया गया तो कर्मचारी आंदोलन या हड़ताल का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे, जिसका सीधा असर प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
मुख्य मांगें:
- फरवरी 2026 का लंबित वेतन तत्काल जारी किया जाए।
- भविष्य में नियमित एवं स्थायी वेतन भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
संघ ने शासन-प्रशासन से अपील की है कि कर्मचारियों की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के ये कर्मवीर सम्मानपूर्वक अपना त्योहार मना सकें।।




