🔴🔥🔥🎯BIG NEWS:🔥🔥🎯जिला कलेक्टर का बुलडोजर एक्शन, आधे घंटे में अवैध कब्जा जमींदोज,, “शासकीय ज़मीन पर कब्जा नहीं चलेगा” — कलेक्टर न्यायालय के सख्त आदेश पर सरस्वती शिशु मंदिर का अवैध बाउंड्री गेट जेसीबी से ध्वस्त!देखिए वीडियो।🔥🔥🎯🔴

रायगढ़/कापू।
शासकीय भूमि पर अवैध कब्जे के खिलाफ रायगढ़ जिला कलेक्टर न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए कापू क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बाद प्रशासन ने सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा शासकीय जमीन पर बनाए गए अवैध बाउंड्री गेट को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।

यह कार्रवाई कलेक्टर न्यायालय में विचाराधीन राजस्व प्रकरण क्रमांक 5/अ-19(1)/20708 के तहत की गई। फरियादी बालमुकुंद पिता तुलसी पैंकरा, निवासी ग्राम राजपुरी, थाना सीतापुर, जिला सरगुजा द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी कि खसरा नंबर 191/1, रकबा 0.245 हेक्टेयर शासकीय भूमि को राजनीतिक दबाव में गलत तरीके से दुरुस्त कर पट्टा बनवाया गया और वहां बाउंड्री गेट बनाकर ताला लगा दिया गया। यहां देखें वीडियो….. 👇👇
29 जनवरी 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कलेक्टर न्यायालय ने माँ डोकरी दाई कल्याण समिति, कापू का दावा निराधार और अवैध करार दिया। न्यायालय ने समिति के पदाधिकारियों श्याम बिहारी शर्मा, विनय शर्मा एवं नीरज शर्मा उर्फ झाब्बू शर्मा की उपस्थिति में आधे घंटे के भीतर अवैध बाउंड्री गेट तोड़ने तथा फोटोग्राफ सहित कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने का स्पष्ट आदेश दिया।
आदेश मिलते ही प्रशासन हरकत में आया। तहसीलदार उनमेश पटेल एवं पटवारी गोविंद बड़ा की मौजूदगी में जेसीबी से अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया और कार्रवाई की फोटो रिपोर्ट डीएम कोर्ट में प्रस्तुत की गई।
कापू क्षेत्र में लंबे समय से गरीब आदिवासी व जनजातीय लोगों की जमीन पर रसूखदारों द्वारा कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस निर्णायक कार्रवाई से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दे दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई से जहां पीड़ित आदिवासी फरियादी बालमुकुंद को न्याय मिला, वहीं कलेक्टर रायगढ़ की ईमानदार, निर्भीक और सख्त कार्यशैली की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। आम जनता ने प्रशासनिक सख्ती का स्वागत करते हुए डीएम को बधाई दी है।
इस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से रायगढ़ के वरिष्ठ अधिवक्ता भुवन लाल द्वारा प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप विधि सम्मत न्याय मिला।
वहीं इस संबंध में जब पत्रकार द्वारा कापू तहसीलदार उनमेश पटेल से जानकारी लेने हेतु फोन किया गया, तो उन्होंने किसी कारणवश कॉल रिसीव नहीं किया। प्रशासनिक कार्रवाई जैसे गंभीर मामले में मीडिया से जानकारी साझा न करना कई सवाल खड़े करता है।।




