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🔴📢🔥BIG NEWS:🔥📢हाथियों के टापू पर कोल ब्लॉकों का हमला बर्दाश्त नहीं करेंगे!आदिवासियों का उग्र ऐलान—18 कोल ब्लॉक निरस्त हों, हाथियों की सुरक्षा सर्वोपरि…आज नगर की सड़कों पर निकलेगी जंगी रैली।देखिए वीडियो।🔥📢🔥

धरमजयगढ़।
धरमजयगढ़ वन मंडल को जंगली हाथियों का सुरक्षित “टापू” कहा जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी। यहां की छह रेंजों—खासकर छाल और धरमजयगढ़ रेंज—में सालभर हाथियों के झुंड विचरण करते हैं। लेकिन इन्हीं अत्यंत संवेदनशील वन क्षेत्रों में 18 कोल ब्लॉक चिन्हांकित किए जाने से आदिवासी समाज में भारी आक्रोश फूट पड़ा है।

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अब तक चिन्हांकित 18 में से 6 कोल ब्लॉकों की नीलामी हो चुकी है। इनमें दुर्गापुर-2 तराईमार और दुर्गापुर-2 सरिया कोल ब्लॉक कर्नाटक पावर लिमिटेड के लिए प्रस्तावित हैं। वहीं सेरबन कोल ब्लॉक, SECL दुर्गापुर-शाहपुर, इंद्रमणि कोल ब्लॉक और मेसर्स अंबुजा-अडानी का पुरुंगा कोल ब्लॉक भी सूची में शामिल हैं। शेष 12 चिन्हांकित ब्लॉकों में नवागांव ईस्ट, नवागांव वेस्ट, ओंगना-पोटिया, कोइलार, चैनपुर, रामनगर, तेंदुमुरी, बोजिया, फतेपुर, फतेपुर ईस्ट, वेस्ट ऑफ बायसी और छाल शामिल हैं। यहां देखें वीडियो….. 👇👇

जंगल की पूजा, सड़कों पर विरोध….

इन मुद्दों को लेकर सोमवार को ग्राम नवागांव में विरोध चरम पर दिखा। जंगल के बीच आदिवासी समाज ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ जंगल की पूजा कर हाथियों की सुरक्षा की कामना की। इसके बाद ग्रामीण हाथों में होर्डिंग लेकर नारेबाजी करते हुए नवागांव ईस्ट और नवागांव वेस्ट कोल ब्लॉकों की नीलामी पर तत्काल रोक की मांग करते नजर आए।

ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि यह इलाका पांचवीं अनुसूची में आता है और यहां छत्तीसगढ़ पेसा कानून 2022 लागू है। ग्रामसभा की अनुमति के बिना किसी भी प्रकार की नीलामी या परियोजना आदिवासी समाज को स्वीकार नहीं होगी। यहां देखें वीडियो… 👇👇

आज 29 दिसंबर: हजारों ग्रामीण सड़कों पर

हाथियों की सुरक्षा और कोल ब्लॉकों के विरोध में लगातार बैठकों का दौर जारी है। बीते बुधवार ग्राम नवागांव में हुई बैठक में अमापाली, हाटी, कीदा सहित आसपास के गांवों के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को मजबूती दी। आज की सभा में भारी संख्या में आदिवासी महिला-पुरुष शामिल हुए हैं।

पूर्व बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि 29 दिसंबर (सोमवार) को हजारों ग्रामीण रैली और आमसभा में शामिल होकर 18 कोल ब्लॉकों को निरस्त करने और नई नीलामी पर रोक की मांग करेंगे। इसके तहत आज प्रभावित क्षेत्र के ग्रामीण स्थानीय क्लब ग्राउंड में एकत्र होकर सभा कर रहे हैं। सभा के बाद नगर में जंगी रैली निकाली जाएगी और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कोल ब्लॉकों को रद्द करने का ज्ञापन सौंपा जाएगा।

कड़ा संदेश….

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जंगल, जमीन और जंगली हाथियों की सुरक्षा से खिलवाड़ हुआ, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और उग्र रूप लेगा।
धरमजयगढ़ की लड़ाई अब केवल जमीन की नहीं—जंगल और हाथियों के अस्तित्व की बन चुकी है।

Aslam Khan

मेरा नाम असलम खान है, मैं MaandPravah.com का संपादक हूँ। इस पोर्टल पर आप छत्तीसगढ़ सहित देश विदेश की ख़बरों को पढ़ सकते हैं।

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