चिल्हर संकट से धरमजयगढ़ का व्यापार जगत बेहाल, बैंक के रवैये पर सवाल…पढ़िए खबर।

धरमजयगढ़ (छत्तीसगढ़) — नगर में इन दिनों खुले पैसों (चिल्हर) की भारी किल्लत ने व्यापारियों की कमर तोड़ दी है। रोजमर्रा के लेन-देन में आ रही दिक्कतों के कारण छोटे और मध्यम दुकानदार सबसे अधिक प्रभावित हैं। ग्राहकों को बकाया राशि लौटाने में परेशानी के चलते कई बार बहस की स्थिति बन रही है, जिससे व्यापारिक माहौल पर नकारात्मक असर पड़ रहा है।
व्यापारियों का आरोप है कि जब वे चिल्हर की समस्या लेकर की स्थानीय शाखा से संपर्क करते हैं, तो अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। कई दुकानदारों का कहना है कि बार-बार अनुरोध के बावजूद पर्याप्त मात्रा में खुले पैसे उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं, वहीं पूछताछ करने पर उन्हें संतोषजनक जवाब भी नहीं मिलता।

स्थानीय व्यापार संघ के सदस्यों ने बैंक प्रबंधन के रवैये को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि बैंक जैसी जिम्मेदार संस्था को बाजार की जरूरतों के अनुरूप व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। उनका कहना है कि चिल्हर की समस्या नई नहीं है, लेकिन हाल के दिनों में यह विकराल रूप ले चुकी है, जिससे बाजार की गति प्रभावित हो रही है।
व्यापारियों ने मांग की है कि बैंक प्रबंधन तत्काल विशेष काउंटर या निर्धारित समय तय कर चिल्हर वितरण की व्यवस्था करे, ताकि बाजार में लेन-देन सामान्य हो सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो वे सामूहिक रूप से उच्च अधिकारियों से शिकायत करने के साथ आंदोलन का रास्ता भी अपना सकते हैं।




