🔴🌳FOREST BIG NEWS:🌳🔴धरमजयगढ़ के नेवार–बोरो जंगलों में अतिक्रमण का संगठित खेल! मशीनों से रौंदी जा रही हरियाली, जिम्मेदार मौन क्यों?देखिए वीडियो! 🎯🌳🌳🌳🌳🌳🔥🔥🔥🔴

धरमजयगढ़/रायगढ़।
प्रकृति की गोद में बसे धरमजयगढ़ के नेवार और बोरो गांवों के घने जंगल इन दिनों सुनियोजित विनाश का शिकार हो रहे हैं। हरियाली से लहलहाते इस वन क्षेत्र में अब मशीनों की गरज और उजड़ती जमीन की तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो पर्यावरण ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सीधा सवाल खड़ा करती हैं।

जानकारी के अनुसार, बोरो वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत बड़े पैमाने पर पेड़ों की अंधाधुंध कटाई कर जमीन को समतल किया जा रहा है। भारी-भरकम मशीनों की मदद से हरे-भरे जंगलों को बेरहमी से साफ कर कृषि भूमि में तब्दील किया जा रहा है। जहां कभी पक्षियों की चहचहाहट और वन्यजीवों की आवाजाही होती थी, वहां अब सिर्फ मिट्टी के ढेर और धूल का गुबार दिखाई दे रहा है।

चौंकाने वाली बात यह है कि अतिक्रमणकारी सिर्फ पेड़ों की कटाई तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि जमीन पर स्थायी कब्जा जमाने के लिए बोर खनन तक कर चुके हैं। यह साफ इशारा करता है कि पूरा खेल योजनाबद्ध और संगठित तरीके से चल रहा है।

सबसे बड़ा सवाल—क्या प्रशासन सो रहा है?
इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस अवैध कब्जे और पर्यावरणीय अपराध के बावजूद जिम्मेदार विभाग की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। क्या यह सब अधिकारियों की जानकारी के बिना संभव है, या फिर कहीं न कहीं लापरवाही और मिलीभगत इस विनाश को बढ़ावा दे रही है? यहां देखें वीडियो…. 👇👇
धरमजयगढ़ का यह वन क्षेत्र केवल पेड़ों का समूह नहीं, बल्कि आदिवासी जीवन, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन की रीढ़ है। यदि समय रहते इस अतिक्रमण पर रोक नहीं लगी, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर और दूरगामी होंगे।यहां देखें वीडियो… 👇👇
अब निगाहें प्रशासन पर टिकी हैं—
क्या जिम्मेदार जागेंगे और जंगल बचाएंगे, या फिर मशीनों के सामने यूं ही दम तोड़ती रहेगी धरमजयगढ़ की हरियाली?




