
🔥तालाब-नहर और सरकारी ज़मीन पर अवैध कब्ज़ा, गुस्साए ग्रामीणों ने कलेक्टर से की कार्रवाई की माँग
रायगढ़। पुसौर तहसील के ग्राम छोटे भंडार में अडानी पावर लिमिटेड पर ज़मीन हड़पने का संगीन आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने तालाब, नहर, सड़क और सरकारी ज़मीन पर कब्ज़ा कर लिया है। इससे न सिर्फ़ आम रास्ते बाधित हो गए हैं, बल्कि गाँव का पारंपरिक जल स्रोत भी प्रभावित हुआ है।

सीमांकन में हुआ खुलासा
ग्रामीणों ने बताया कि 28 फरवरी 2024 को राजस्व विभाग द्वारा किए गए सीमांकन में यह खुलासा हुआ कि कंपनी ने कई खसरा नंबरों पर कब्ज़ा कर रखा है। इनमें—
- खसरा नंबर 54/4 (0.045 हेक्टेयर)
- खसरा नंबर 2/1 (0.227 हेक्टेयर)
- खसरा नंबर 482 (0.498 हेक्टेयर)
शामिल हैं। साथ ही 459, 463, 465, 467, 472, 522, 524, 536/6, 557, 563 जैसे कई खसरे भी विवादित पाए गए।
सीमांकन रिपोर्ट के दौरान OHT रीडिंग (लाइन लोड) भी दर्ज हुई, जिसमें कई हिस्सों में कब्ज़ा स्पष्ट हुआ।

उबल पड़ा गुस्सा
ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी ने सड़क और नहर को पाटकर रास्ता रोक दिया है। आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। सीमांकन रिपोर्ट आने के बाद भी कब्ज़ा नहीं हटाया गया, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति गहरी नाराज़गी है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
ग्रामवासियों ने कलेक्टर रायगढ़ को ज्ञापन सौंपते हुए माँग की है कि—
- अडानी पावर का अवैध कब्ज़ा तुरंत हटाया जाए।
- सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर भूमि को मुक्त कराया जाए।
- दोषी अधिकारियों और कंपनी के ज़िम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
चेतावनी दी ग्रामीणों ने
ग्रामीणों ने साफ़ कहा है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे। गाँव में अब माहौल गर्मा गया है और लोग प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।




