: खनिज प्रभावित वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा-स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा नया आधार – कलेक्टर

पुरुंगा और खड़गांव में 1.60-1.60 करोड़ से बनेंगे नवीन आदिवासी कन्या छात्रावास भवन, डीएमएफ मद से होगा निर्माण…
रायगढ़,। जिले के खनिज उत्खनन प्रभावित के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में जिला प्रशासन ने ठोस पहल शुरू की है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने ग्राम पुरुंगा एवं खड़गांव का दौरा कर आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास भवनों की जर्जर स्थिति का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के बाद कलेक्टर ने दोनों स्थानों पर नवीन छात्रावास भवन निर्माण के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) मद से प्रत्येक छात्रावास भवन के निर्माण पर लगभग 1 करोड़ 60 लाख रुपए व्यय किए जाएंगे। तकनीकी टीम द्वारा वर्तमान भवनों का विस्तृत परीक्षण कर आवश्यक स्वीकृति के बाद निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि नए भवन के निर्माण तक छात्राओं के सुरक्षित और सुचारू संचालन हेतु वैकल्पिक भवन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

खेल और लाइब्रेरी सुविधा पर विशेष जोर
दौरे के दौरान कलेक्टर ने छात्रावासों में अध्ययन के साथ खेल गतिविधियों को भी प्रोत्साहित करने पर बल दिया। उन्होंने बच्चों की रुचि के अनुरूप खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही छात्राओं के मानसिक एवं बौद्धिक विकास के लिए लाइब्रेरी सुविधा विकसित करने, पाठ्यक्रम आधारित पुस्तकों के साथ समसामयिक विषयों की पत्र-पत्रिकाएं नियमित उपलब्ध कराने को कहा।

ग्रामीणों की मांगों पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विकास से जुड़ी विभिन्न मांगें रखीं। कलेक्टर ने बताया कि खनिज प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल, आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सेवाएं, पेयजल, पंचायत व्यवस्था एवं पीडीएस जैसी बुनियादी सुविधाओं का सुदृढ़ संचालन जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि मांगों को चरणबद्ध तरीके से प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा।
दौरे के दौरान एसडीएम, कृषि एसडीओ, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।।




